सीबीएसई, राजस्थान और यूपी बोर्ड की परीक्षाएं जहां मई में होंगी, बिहार बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा समाप्त हो गई हैं। स्टूडेंट्स को अब रिजल्ट का इंतजार है। नतीजे मार्च या अप्रैल में जारी किए जा सकते हैं। बिहार बोर्ड मैट्रिक की परीक्षाएं भी 17 फरवरी से शुरू होनी है।
बिहार मेें बोर्ड इंटर की परीक्षाएं 1 फरवरी से शुरू हुईं थीं और 13 फरवरी को समाप्त हो गईं। इस साल 13.50 लाख स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन किया था। यह संख्या पिछले साल से ज्यादा है। पिछले साल-2020 में भी परीक्षा 13 फरवरी को खत्म हो गई थी। रिजल्ट 24 मार्च को जारी किया गया था। कोविड-19 के कारण मूल्यांकन प्रक्रिया में थोड़ी देर हुई थी। उसके बावजूद रिकॉर्ड 40 दिनों में रिजल्ट की घोषणा हुई थी।
पिछले साल 12वीं में पास प्रतिशत 80.44 रहा था। साइंस में 476 अंक के साथ नेहा कुमारी, कॉमर्स में कौसर फातमा और सुधांशु नारायण चौधरी, कला संकाय में साक्षी कुमारी ने टॉप किया था। पिछले साल 12 लाख स्टूडेंट्स इंटर की परीक्षा में शामिल हु ए थे। पिछले साल 12 लाख से 9 लाख उम्मीदवार परीक्षा में सफल हुए थे। कुल पास पर्सेंटज 80.44 फीसदी गया था।
इस बार 2020 जैसी विपरीत परिस्थितियां नहीं हैं। हालांकि मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है। बारकोडिंग के बाद उत्तर पुस्तिकाओं का वितरण मूल्यांकन केंद्रों पर किया जाएगा। ज्ञात हो कि विषयवार मूल्यांकन केंद्र बनाया जाता है। किस केंद्र पर किस विषय की कॉपी जांची जाएगी, इसका निर्णय बिहार बोर्ड द्वारा किया जाएगा। बोर्ड को उम्मीद है कि मार्च 2021 के दूसरे सप्ताह तक रिजल्ट जारी कर दिया जाएगा। बिहार बोर्ड द्वारा इसकी जानकारी आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर भी दी जाएगी। बिहार बोर्ड अपनी आधिकारिक वेबसाइट्स पर रिजल्ट जारी करेगा।


