- नीट यूजी 2026 के लिए लगभग 26,02,300 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। यह संख्या दर्शाती है कि भारत में मेडिकल शिक्षा के प्रति युवाओं का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है।
NEET UG 2026 Registration: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 इस वर्ष 3 मई को आयोजित होगी। इस बार परीक्षा ने रिकॉर्ड बना दिया है। करीब 26.02 लाख छात्रों ने नीट के लिए आवेदन किया है, जिससे प्रतियोगिता ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई है। हालांकि मेडिकल सीटों में वृद्धि हुई है, फिर भी एमबीबीएस पाने की दौड़ बेहद कठिन रहने वाली है।
26 लाख से अधिक छात्रों ने कराया रजिस्ट्रेशन
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के आंकड़ों के अनुसार, नीट यूजी 2026 के लिए लगभग 26,02,300 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। यह संख्या पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक है और दर्शाती है कि भारत में मेडिकल शिक्षा के प्रति युवाओं का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार सफलता दर 5-6 प्रतिशत के आसपास रह सकती है। यानी हर 100 छात्रों में केवल 5 से 6 को ही MBBS सीट मिल पाएगी।
मेडिकल फील्ड में लड़कियों का दबदबा बरकरार
इस वर्ष रजिस्ट्रेशन में लड़कियों की संख्या फिर लड़कों से अधिक रही है। अनुमानतः:
- लड़कियां: 14.3 लाख
- लड़के: 11.7 लाख
यह ट्रेंड बताता है कि मेडिकल सेक्टर में महिलाओं की भागीदारी लगातार मजबूत हो रही है। 2025 में भी लड़कियों ने आवेदन संख्या में बढ़त बनाई थी।
MBBS सीटें बढ़ीं, लेकिन मुकाबला अब भी कठिन
सरकार और निजी क्षेत्र द्वारा मेडिकल शिक्षा के विस्तार के कारण इस वर्ष सीटों में वृद्धि हुई है। 2026 में 11,000 से अधिक नई सीटें जुड़ने के बाद देश में अब:
- कुल मेडिकल कॉलेज: 824
- कुल MBBS सीटें: 1,29,603
- सरकारी कॉलेज सीटें: 63,683
- प्राइवेट कॉलेज सीटें: 65,343
हालांकि सीटें बढ़ी हैं, लेकिन 26 लाख अभ्यर्थियों की तुलना में यह संख्या अभी भी बहुत कम है।
NEET से सिर्फ MBBS नहीं, ये भी हैं विकल्प
नीट परीक्षा केवल MBBS के लिए नहीं है। इसके जरिए कई अन्य मेडिकल और हेल्थ साइंस कोर्स में भी प्रवेश मिलता है।
अन्य प्रमुख सीटें
- BDS (डेंटल): 30,000+
- BVSc (वेटरनरी साइंस): 1,000+
AYUSH कोर्स सीटें
- कुल AYUSH सीटें: 52,720+
- BAMS (आयुर्वेद): 32,000+
- BHMS (होम्योपैथी): 16,000+
- BUMS (यूनानी): 2,500+
- BSMS (सिद्ध): 500+
NEET 2026 क्यों है खास?
नीट यूजी 2026 सिर्फ एक परीक्षा नहीं, बल्कि 26 लाख से अधिक छात्रों के करियर का निर्णायक मोड़ है। रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन यह दिखाता है कि मेडिकल प्रोफेशन भारत के युवाओं के लिए सबसे पसंदीदा करियर विकल्पों में शामिल है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में मेडिकल सीटों का और विस्तार जरूरी होगा, ताकि बढ़ती मांग और अवसरों के बीच संतुलन बनाया जा सके।
निष्कर्ष
नीट यूजी 2026 में रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन ने यह साफ कर दिया है कि मेडिकल एडमिशन की प्रतिस्पर्धा अब पहले से कहीं ज्यादा कठिन हो चुकी है। हालांकि सीटें बढ़ी हैं, लेकिन उम्मीदवारों की संख्या इतनी अधिक है कि केवल अच्छी रणनीति, मजबूत तैयारी और वैकल्पिक विकल्पों की समझ ही छात्रों को आगे बढ़ा सकती है।


