कहा जाता है कि कोचिंग के जरिए सफलता की राह आसान हो जाती है लेकिन कोचिंग लेना सबके लिए आसान नहीं है। कई अभ्यर्थी गांवों-कस्बों में रहते हैं। उनकी आर्थिक स्थति शहर में कोचिंग लेने की इजाजत नहीं देती। कई पारिवारिक कारणों से भी कोचिंग नहीं ले पाते।
दूसरी ओर कोचिंग का इनका प्रचार अभियान इस तरह होता है कि आम विद्यार्थी का स्वयं से भरोसा ही उठ जाता है। ऐसी स्थति में विद्यार्थी ïïऊहापोह में रहते हैं कि क्या करें, क्या ना करें।
यहां स्पष्ट करना चाहेंगे कि कोचिंग लेना सफलता की गारंटी नहीं है। यदि आपके हालात कोचिंग की इजाजत नहीं देते तो कोई बात नहीं। यह हताश होने की बात नहीं है।
आपने देखा होगा कि लाखों परीक्षार्थी कोचिंग लेते हैं लेकिन प्रतियोगिता परीक्षा में सभी तो सफल नहीं होते। सच यह है कि कोचिंग में अक्सर उन्हीं विद्यार्थियों पर फोकस किया जाता है, जिनमें सफलता की ज्यादा संभावना होती है। ताकि उसे बाद में भुनाया जा सके। इसलिए प्रचार के झांसे में ना आएं।
एक्जाम क्रेक करने के लिए कोचिंग से ज्यादा जरूरी है आपका पक्का इरादा और फोकस रहकर सही दिशा में कड़ी मेहनत करना। यदि आप कोचिंग नहीं कर पा रहे तो घर पर रहकर पढ़ाई पर फोकस करें। टाइम टेबल बनाकर टीवी-फोन, टीवी से दूरी रखते हुए आत्मानुशासन के साथ तैयारी करें।
आपने शिक्षक, सीनियर या नेट से मार्गदर्शन लें। आनलाइन वीडियो लेक्चर देखकर डाउट दूर करें। कोई अच्छी टेस्ट सीरिज ज्वाइन करें और लगातार मॉक टेस्ट देते रहें। अभ्यास से कमजोरी दूर होगी। खूब प्रेक्टिस करें।
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Sahi Tarah focus Hokar padhai karo to tuition, coaching ki koi jaroorat nhi
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