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दसवीं के बाद ऐसे करें सब्जेक्ट का चुनाव-कंफ्यूजन है तो जानें 10वीं के बाद साइंस, आर्ट्स या कॉमर्स क्यों पढ़ना है

दसवीं के बाद ऐसे करें सब्जेक्ट का चुनाव
दसवीं के बाद ऐसे करें सब्जेक्ट का चुनाव

अगर आप भी उन लोगों में से है जो अभी हाल ही में 10वीं बोर्ड का एग्जाम पास करके 11वीं में गये है तो ये आर्टिकल आपके लिए है। दरअसल 11वीं क्लास में छात्रों द्वारा विषय चुनने को लेकर असमंजस सामान्य सी बात है। ज्यादातर स्टूडेंट को इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ता है। कई बार हमारे आस-पास बड़े और शिक्षित लोगों द्वारा स्टूडेंट्स की हेल्प कर दी जाती है तो कई बार वे खुद ही या दोस्तों के कहने पर किसी विषय का चुनाव कर लेते है। बिना सोचे-समझे विषय चुनने की वजह से आगे जाकर उस विषय में अच्छा नही कर पाने पर उन्हें ख्याल आता है कि ये वो फील्ड ही नही है जिसमें वो जाना चाहते थे।

अगर आप भी उन लोगों में से है जो 11वीं में विषय के चुनाव को लेकर कंफ्यूज है तो आज हम आपको बताने जा रहे है उन सभी विषयों के बारे में जिनमें जाकर बेहतरीन करियर बनाया जा सकता है। आइये सबसे पहले जानते उन विषयों के बारे में जो 11वीं में छात्रों द्वारा चुने जाते है-

विज्ञान- साइंस Science

साइंस लेकर पढ़ने को बहुत अहम माना जाता है। ज्यादातर विद्यार्थी भी साइंस को ही पसंद करते हैं. विद्यार्थी से ज्यादा उनके माता-पिता या अभिभावक चाहते है कि उनका बच्चा साइंस से इंटर करें।

साइंस स्ट्रीम मुख्यत: दो भागों में बटा हुआ है:

मेडिकल (PCB)

नॉन-मेडिकल (PCM)

फिजिक्स और केमिस्ट्री दोनों में कॉमन होते हैं। नॉन-मेडिकल (PCM) में फिजिक्स और केमिस्ट्री के साथ गणित (mathematics) होता है. जबकि मेडिकल (PCB) में फिजिक्स और केमिस्ट्री के साथ जीव विज्ञान (biology) होता है। आप मेडिकल (PCB) में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के साथ-साथ मैथमेटिक्स (PCB-M) भी पढ़ सकते हैं।

मेडिकल (PCB) और नॉन-मेडिकल (PCM) दोनों के साथ अंग्रेजी (english) अनिवार्य भाषा के तौर पर होता है। इन सबके अलावा आपको एक ऐक्छिक विषय (optional subject) भी चुनना होता है। ऑप्शनल सब्जेक्ट में हिंदी, उर्दू , कंप्यूटर साइंस, आदि होते हैं। ये ऑप्शनल सब्जेक्ट अलग-अलग बोर्ड के अनुसार अलग-अलग भी हो सकती है।

साइंस लेकर पढ़ने पर करियर विकल्प

अगर आप 11वीं में विज्ञान विषय को चुनते है तो आपके पास इस फील्ड में करने के लिए बहुत कुछ है। अगर आप विज्ञान विषय को चुनते है तो आपके पास डॉक्टर और इंजीनियर बनने के अलावा भी ऐसी कई फील्ड है जिनमें करियर की नई ऊंचाइयां पाई जा सकती है। आप साइंस विषय की दो अलग-अलग फील्ड मेडिकल और इंजीनियरिंग में करियर बना सकते है।

जैसे मेडिकल में

डॉक्टर

नर्सिंग

लेब टेक्निशियन

टीचिंग

फॉर्मेसी

आयुर्वेद

होम्योपैथी

प्राकृतिक चिकित्सा

जेनेटिक इंजीनियरिंग

माइक्रोबायोलॉजी

बायोटेक्नलॉजी

जूलॉजी

बॉटनी

वाइल्ड लाइफ साइंस

एनिमल डॉक्टर

फॉरेंसिक साइंस

वहीं इंजीनियरिंग फील्ड में आप

सिविल इंजीनियरिंग

मैकेनिकल

इलेक्ट्रॉनिक्स

एन्वायर्नमेंट

एस्ट्रो फिजिक्स

मरीन इंजीनियरिंग

स्पेस साइंस

केमिकल

पैट्रोकेमिकल

कंप्यूटर

रोबोटिक्स

एथिकल हैकिंग

एविएशन

मर्चेंट नेवी इंजीनियरिंग

वाणिज्य (Commerce)

साइंस के बाद सबसे ज्यादा मशहूर स्ट्रीम कॉमर्स है। अगर आप उन लोगों में से है जिनकी रूचि गणित, व्यापार, कैल्कुलेशन, वाणिज्य और हिसाब-किताब आदि में है तो आपके लिए कॉमर्स अति उत्तम है। आपका अगर व्यापार (business) वाला माइंडसेट है, आपको हिसाब-किताब (accounting) करने में मजा आता है, अर्थशास्त्र (economics) आदि पढ़ने में मन लगता है तो ये स्ट्रीम आपके लिए उपयुक्त है।

कॉमर्स से 12 वीं करने के लिए आप यह विषय पढ़ सकते हैं, इनमें से तीन विषय लेने होते हैं

अकाउंटेंसी

बिजनेस स्टडीज

इकोनॉमिक्स

इंग्लिश

इनफार्मेशन प्रैक्टिसेज/ मैथमेटिक्स

कॉमर्स में करियर

कॉमर्स से 12 वीं करने के बाद मुख्यतः ये निम्नलिखित करियर विकल्प होते है:

मैनेजमेंट

मार्केटिंग

सेल्स

रिटेल

अकाउंटिंग

चार्टर्ड अकाउंटेंट- सीए

कंपनी सेक्रेटरी- सीएस

बैंकिंग

फाइनेंशियल प्लानर

इंश्योरेंस एक्चुअरीज

शेयर सिक्योरिटी

ए़डवर्टाइजर

ट्रेजरी मैनेजमेंट

इकोनोमिस्ट

इंटरप्रेन्योर

कला (Arts/ Humanities)

अगर आपकी रूचि कला से जुड़े विषयों में है तो आपके लिए आर्ट्स विषय काफी अच्छा रहेगा। आर्ट् एक ऐसा विषय है जिसमें हमेशा से ही करियर की बेहतरीन संभावनाएं मौजूद रही है। लेकिन इस विषय को लेकर लोगों की मानसिकता है कि जो अपनी जिंदगी में कुछ नही करना चाहता वो आर्ट्स विषय को चुन लेता है। धारणा है कि जो विद्यार्थी पढ़ने में कमजोर होते हैं, जिनके अंक परीक्षा में कम आते हैं, वही विद्यार्थी आर्ट्स लेकर पढ़ते हैं। पर ये धारणा गलत है। बहुत से विद्यार्थी जो पढ़ने में अच्छे होते हैं, परीक्षा में अच्छे अंक भी लाते हैं। वह भी इस स्ट्रीम को चुनने में रुचि रखते हैं। लोगों द्वारा आर्ट्स की फील्ड में जॉब नही मिलने की भी कई दलीलें दी जाती है। लेकिन सच्चाई इसके विपरीत है।

आर्ट्स स्ट्रीम के 11वीं और 12वीं में ये विषय होते हैं, इनमें से तीन विषय लेने होते हैं-

इतिहास- हिस्ट्री

राजनीति विज्ञान-पॉलिटिकल साइंस

समाजशास्त्र-सोशियोलॉजी

अर्थशास्त्र -इकोनॉमिक्स

भूगोल-ज्योग्राफी

मनोविज्ञान- साइकोलॉजी

अंग्रेजी

क्षेत्रीय भाषा

आर्ट्स स्ट्रीम से इंटर करने में एक दिक्कत ये आती है की आप अगर ग्रेजुएशन में अपना स्ट्रीम बदलना चाहते है तो नहीं बदल पाएंगे।

आर्ट्स स्ट्रीम में करियर विकल्प (career options)

जो विद्यार्थी सरकारी नौकरी पाना चाहते हैं, उनके लिए आर्ट्स बहुत उपयोगी है। क्योंकि ज्यादातर जो सरकारी नौकरी पाने के लिए प्रतियोगिता परीक्षा (competitive exams) होते हैं, जैसे UPSC, SSC, BPSC, आदि। इनके पाठ्यक्रम (syllabus) में ज्यादातर आर्ट्स स्ट्रीम के ही टॉपिक होते हैं। आर्ट्स विषय लेकर 12 वीं करने के बाद मुख्यतः ये निम्नलिखित करियर विकल्प होते है:

प्रशासनिक अधिकारी

शिक्षक

फिजिकल एजुकेशन शिक्षक

पत्रकार-जर्नलिस्ट

वकील-लॉयर

इतिहासविद-आर्केलॉजिस्ट

भूगोल

अर्थशास्त्र

बैंकिंग

इवेंट मैनेजर

फाईन आर्ट्स

एनिमेटर

ग्राफिक डिजाइनर

डांस

योगा

जैसी कई अनगिनत फील्ड में बेहतरीन करियर बना सकते है। इसके अलावा आर्ट्स जैसे विषय की सबसे अच्छी बात ये है कि इस फील्ड के जितने भी कोर्स है वो फीस के मामले में ज्यादा महंगे नही होते है। इन कोर्सों में कम फीस में भी अच्छी शिक्षा ली जा सकती है।

उम्मीद है की ये पोस्ट आपको पसंद आई होगी। जो विद्यार्थी अभी 10वीं में है या 10वीं पास कर चुके और उनको ये समझ नही आ रहा है कि 10वीं के बाद क्या करें? तो उन तक ये पोस्ट जरूर शेयर करें।

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