- संसद की एक समिति ने शिक्षा मंत्रालय को सुझाव दिया है कि 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों को बड़ा क्वेश्चन बैंक दिया जाए और बोर्ड परीक्षाओं में इन्हीं में से प्रश्न दिये जाएं ताकि कोरोना वायरस महामारी के चलते पढ़ाई अधूरी रह जाने की भरपाई की जा सके।
सीबीएसई समेत विभिन्न राज्यों ने भी बोर्ड परीक्षा 2021 की घोषणा कर दी है। कई बोर्ड परीक्षाओं की डीटेल डेटशीट भी जारी की जा चुकी है। लाखों स्टूडेंट्स परीक्षा की तैयारियों में जुटे हैं। इस बीच शिक्षा मंत्रालय को एक संसदीय समिति ने सुझाव दिया कि इस बार की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में स्टूडेंट्स को क्वेश्चन बैंक दिया जा सकता है। दोनो ही कक्षाओं की बोर्ड परीक्षाओं में इसी क्वेश्चन बैंक से कुछ प्रश्न लिए जा सकते हैं।
सरकारी अधिकारियों ने पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी को जानकारी दी थी कि इंटरनेट की सुविधा नहीं होने के कारण बहुत सारे बच्चे डिजिटल कक्षाओं के माध्यम से पढ़ाई नहीं कर पाए। कोरोना वायरस महामारी के दौरान के कारण 2020 में लगभग पूरे साल स्कूल बंद रहे। इस दौरान क्लासेस ऑनलाइन ली गईं, लेकिन तकनीकी सीमाओं के कारण इसका फायदा हर स्टूडेंट को बराबर नहीं मिल सका। ऑनलाइन कक्षाओं का फायदा सभी स्टूडेट्स इंटरनेट कनेक्टिविटी और मोबाइल, लैपटॉप की सुविधा की कमी के के चलते नहीं ले पाए हैं। ऐसे स्टूडेंट्स में अधिकतर निर्धन परिवारों से सम्बन्धित हैं, जिनके पास स्मार्टफोन या लैपटॉप उपलब्ध नहीं है। इससे एक लर्निंग गैप पैदा हो गया है। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि जब सभी बच्चों की एक समान पढ़ाई नहीं हो सकी तो परीक्षा एक समान कैसे ली जाए।
इस पर पैनल के अध्यक्ष व भाजपा सांसद विनय सहस्त्रबुद्धे ने मंत्रालय को एक क्वेश्चन बैंक तैयार करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि 10वीं व 12वीं के सभी विषयों के लिए बिग क्वेश्चन बैंक तैयार किया जाए, जिसमें पूरा तय सिलेबस कवर किया गया हो। इस क्वेश्चन बैंक में स्टूडेंट्स की एनालिटिकल एवं लॉजिकल एबिलिटी चेक करने के लिए जरूरी प्रश्न विभिन्न विषयों एवं टॉपिक्स से शामिल किए जा सकते हैं। इसे सभी स्टूडेंट्स तक समय रहते पहुंचाया जाए। फिर इस बार की बोर्ड परीक्षाओं में उसी क्वेश्चन बैंक से सवाल पूछे जाएं ताकि हर स्टूडेंट को समान अवसर मिल सके। समिति को मानना है स्टूडेंट्स को क्वेश्चन बैंक देने से उनकी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारीओं में मदद मिलेगी और परीक्षा तनाव कम होगा। फिलहाल शिक्षा मंत्रालय की ओर से इस पर कोई जवाब नहीं आया है।
बता दें कि इससे पहले शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक की ओर से सीबीएसई की 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को 5 मई से आयोजित की जाने की घोषणा की जा चुकी हैं। बोर्ड परीक्षाएं जून 2021 तक चलेंगी। वही, दूसरी तरफ माना जा रहा है कि सीबीएसई बोर्ड डेटशीट 2021 को इसी माह जारी किया जा सकता है।


