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Blood Donation Benefits: रक्तदान से कोई नुकसान नहीं, फायदे ही फायदे, जानिए कैसे

Blood-donation
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रक्तदान (Blood Donation) करना एक स्वस्थ आदत है. इससे जहां किसी का जीवन बचाया जा सकता है, वहीं रक्त देने वाले डोनर्स (Blood Donor) को भी कुछ स्वास्थ्य लाभ (Health Benefit) मिलते हैं । आमतौर पर लोग रक्तदान से डरते हैं । उन्हें लगता है कि इससे शरीर में कमज़ोरी आ जाएगी जबकि ऐसा नहीं है । चूंकि रक्त को बनाया नहीं जा सकता है, इसलिए बीमार व्यक्ति को रक्त पाने और चोट या बीमारी से उबरने के लिए डोनर्स (Blood Donor) यानी दाताओं पर निर्भर रहना होता है । डॉ. कहते हैं कि साल में एक बार रक्तदान करना एक स्वस्थ आदत है। ऐसा नहीं है कि साल में एक बार रक्तदान कर चुके हैं तो दोबारा नहीं कर सकते हैं। दो रक्तदान के बीच न्यूनतम समय का अंतर कम से कम 3 महीने होना चाहिए। हालांकि 18 से 65 साल के बीच और वजन 45 किलो से ज्यादा है तो किसी भी व्यक्ति द्वारा रक्तदान किया जा सकता है। इसके लिए हीमोग्लोबिन 12.5 ग्राम प्रति डेसीलीटर से ज्यादा होना चाहिए ।

आइए जानते हैं ब्लड डोनेशन के फायदे-

ख़ुशी मिलेगी

हर सेकंड किसी को रक्त की जरूरत होती है और आप अपने कीमती रक्त का एक छोटा हिस्सा दान कर जीवन बचा सकते हैं । ब्लड डोनेशन से आप बुरे वक्त में किसी के काम आ सकते, किसी की जान बचा सकते हैं जो आपके दिल और दिमाग़ को अलग ही ख़ुशी और संतुष्टि देता है। यह मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य के लिए एक सकारात्मक कदम साबित होता है । ऐसा नियमित रूप से करने से तनाव, चिंता और अवसाद का खतरा भी कम होता है ।

सेहत की जानकारी

जब रक्तदान के लिए जाते हैं, तो मेडिकल टीम कई टेस्ट करती है, क्योंकि स्वस्थ व्यक्ति के रक्त को ही दान किया जा सकता है। अगर कोई बीमारी है, तो रक्तदान के लिए व्यक्ति को योग्य नहीं माना जाएगा । अब इस प्रक्रिया के लिए रक्त की जांच की जाती है तो यह किसी भी सेहत से जुड़े मुद्दे के संभावित जोखिमों का खुलासा कर सकता है, जिनके बारे में पहले पता ही न हो ।

दिल हेल्दी रहता है

ब्लड डोनेट करने से आपके दिल की सेहत भी अच्छी रहती है। रक्त दान करने से शरीर में आयरन की मात्रा संतुलित रहती है। जिसका असर दिल की हेल्थ पर पड़ता है। दिल से जुड़ी बीमारियों और स्ट्रोक का ख़तरा भी कम होता है। अमेरिकन जर्नल ऑफ एपिडेमियोलॉजी के अनुसार जो लोग रक्त दान करते हैं, उन्हें कम से कम दिल का दौरा पड़ने की आशंका होती है। रक्तदान नहीं करने वाले लोगों की तुलना में आशंका 88 प्रतिशत कम हो जाती है।

सुधारता है लिवर की सेहत

जब रक्त में लोहे की सांद्रता बढ़ जाती है, तो यह लिवर के रोगों का खतरा बढ़ा देता है। रक्तदान करना संभावनाओं को कम करने और लिवर के स्वास्थ्य को सुरक्षित करने का सबसे अच्छा तरीका है। अतिरिक्त आयरन के स्तर के कारण लिवर कैंसर, हेपेटाइटिस सी और अन्य लिवर संक्रमण होते हैं।

बनती हैं नई कोशिकाएं

रक्तदान के बाद शरीर खून की कमी को पूरा करने में जुट जाता है। जैसे ही रक्त दान करते हैं, शरीर ब्लड सेल काउंट को फिर से भरने के लिए रक्त कोशिकाओं का उत्पादन शुरू कर देता है। जब भी शरीर में आरबीसी या लाल रक्त कोशिकाओं की कमी होती है, तो आपकी बोन मैरो यानी रक्त पैदा करने वाले अंग को एक संकेत मिलता है, जिसके बाद यह रक्त कोशिकाओं का उत्पादन शुरू करता है। जिससे शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं ज़्यादा बनती हैं, और आपकी सेहत में सुधार आता है।

कैंसर का जोखिम कम

अगर आप नियमित रूप से रक्तदान करते रहते हैं, तो इससे आपके शरीर में आयरन की अधिकता नहीं होती। जिससे आपका शरीर कुछ खास तरह के कैंसर के जोखिम से बच सकता है।

वज़न कंट्रोल में रहता है

एक स्वस्थ व्यक्ति हर तीन महीने में रक्तदान कर सकता है। अगर नियमित रूप से रक्तदान करते हैं, तो इससे शरीर बेहतर सेहत की ओर जाता है। इसका असर आपको साफ अपनी फिटनेस पर दिख सकता है। रक्त दान से वजन घटाने में भी मदद मिलती है। एक बार रक्त दान कर 650-700 कैलोरी कम कर सकते हैं , जिससे वज़न कम होता है।

 

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