समान पात्रता परीक्षा यानी कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट-Common Eligibility Test-CET केंद्र सरकार की ग्रुप बी और सी की सेवा के लिए संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा है। राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी यानी नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी National Recruitment Agency -NRA की ओर से होने वाली यह परीक्षा गैर-राजपत्रित पदों के लिए कर्मचारी चयन आयोग-एसएससी, रेलवे भर्ती बोर्ड-आरआरबी और इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनेल-आईबीपीएस की ओर से होने वाली भर्ती के लिए स्क्रीनिंग परीक्षा की तरह होगी होगी। पहला सीईटी सितंबर 2021 से होना है।
हर साल लगभग 1.25 लाख सरकारी नौकरियों के लिए विज्ञापन निकाले जाते हैं। इसके लिए 2.5 करोड़ उम्मीदवार विभिन्न परीक्षाओं में उपस्थित होते हैं। फिलहाल, सरकारी नौकरियों की तलाश करने वाले उम्मीदवारों को विभिन्न पदों के लिए कई भर्ती एजेंसियों की ओर से आयोजित अलग-अलग परीक्षाएं देनी पड़ती है। सीईटी शुरू होने से विभिन्न भर्ती एजेंसियों की ओर से आयोजित कई परीक्षाओं की जगह एक ही भर्ती परीक्षा देनी होगी।
Common Eligibility Test-CET विस्तार से जानें सीईटी के बारे में
कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट-सीईटी साल में दो बार होगा। बाद में इसे जरूरत के मुताबिक वर्ष में कई बार करवाने की योजना है।
विभिन्न स्तर पर भर्ती के लिए स्नातक, 12 वीं और 10 वीं पास के लिए अलग-अलग सीईटी होंगे ।
अब तक केंद्र सरकार की नौकरियों में भर्ती के लिए परीक्षाएं केवल अंग्रेजी और हिंदी में आयोजित की जाती थीं। यह एक बड़ा बदलाव है कि सीईटी 12 प्रमुख भारतीय भाषाओं में होगा।
सीईटी कर्मचारी चयन आयोग-एसएससी, रेलवे भर्ती बोर्ड-आरआरबी और बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान-आईबीपीएस के लिए होगा। इसका चरणबद्ध तरीके से विस्तार किया जाएगा। इसमें राज्यों के भर्ती बोर्ड की ओर से की गई भर्तियों को भी कवर किया जा सकेगा।
सीईटी भारत भर में एक हजार केंद्रों में होगी। देश के हर जिले में कम से कम एक परीक्षा केंद्र होगा। 117 एस्पिरेशनल जिलों में परीक्षा के बुनियादी ढांचा बनाने पर जोर है।
इसमें शॉर्टलिस्ट किए गए सभी उम्मीदवारों को एक सीईटी स्कोर मिलेगा जो तीन साल के लिए मान्य होगा। सीईटी स्कोर उम्मीदवारों के साथ-साथ भर्ती एजेंसियों के साथ भी साझा किया जाएगा।
ऊपरी आयु सीमा के अधीन सीईटी में उपस्थित होने के लिए उम्मीदवार द्वारा किए जाने वाले प्रयासों की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। मौजूदा नियमों के अनुसार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आयु में छूट लागू होगी।
Common Eligibility Test-CET केडिडेट्स को यह फायदा होगा सीईटी से
कई परीक्षाओं में उपस्थित होने की परेशानी दूर होगी।
आवेदकों को एक ही पोर्टल पर पंजीकरण करना पड़ेगा।
एकल परीक्षा शुल्क के कारण वित्तीय बोझ कम होगा।
हर जिले में परीक्षा होने से उम्मीदवारों के लिए यात्रा और रहने की लागत कम होगी।
जिले में ही परीक्षा होने से महिला उम्मीदवारों को भी सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
परीक्षा की तारीखों के टकराव के बारे में चिंता करने की कोई जरूरत नहीं रहेगी।
Common Eligibility Test-CET परीक्षा करवाने वाले संस्थानों यह होगा फायदा
प्रारंभिक स्क्रीनिंग परीक्षा आयोजित नहीं करवानी पडग़ी।
भर्ती में समय कम लगेगा। एजेंसियों की लागत कम होगी। देश में 600 करोड़ रुपए की बचत की उम्मीद है।
परीक्षा पैटर्न का मानकीकरण होगा।
ऐसे बनेगा National Recruitment Agency -NRA
राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी-एनआरए के गठन का फैसला 19 अगस्त 2020 को केबिनेट की बैठक में किया गया था। यह सोसायटी पंजीकरण अधिनियम के तहत पंजीकृत सोसायटी होगी। इसकी अध्यक्षता भारत सरकार के सचिव के रैंक के अध्यक्ष करेंगे। इसमें रेल मंत्रालय, वित्त मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग, एसएससी, आरआरबी और आईबीपीएस के प्रतिनिधि होंगे। एनआरए एक विशेषज्ञ निकाय होगा जो केंद्र सरकार की भर्ती के क्षेत्र में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी और सर्वोत्तम मानक अपनाएगा।
राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी का मुख्यालय नई दिल्ली में होगा। पूर्व, पश्चिम, दक्षिण, उत्तर, मध्य और उत्तर-पूर्व में छह क्षेत्रीय कार्यालय होंगे। राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी में 7 कार्यात्मक प्रभाग होंगे जैसे-परीक्षा नियंत्रक, रणनीतिक निर्देश, वित्त और अनुसंधान, आईटी समाधान, प्रशासन, सामग्री विकास।
सरकार की ओर से राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी के लिए 1517.57 करोड़ का प्रवधान किया है। यह राशि तीन साल की अवधि में व्यय की जाएगी।
प्रारंभ में एनआरए रेलवे भर्ती बोर्ड, कर्मचारी चयन आयोग और बैंकिंग कार्मिक संस्थान के लिए ग्रुप बी और सी पदों की परीक्षाओं को कवर करेगा। आरआरबी एनटीपीसी, आरआरबी ग्रुप डी, आरआरबी जेई, आईबीपीएस आरआरबी, आईबीपीएस क्लर्क, आईबीपीएस पीओ, आईबीपीएस एसओ, एसएससी सीजीएल, एसएससी जेई, एसएससी स्टेनोग्राफर जैसी परीक्षाओं के लिए टियर-1 कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट आयोजित करेगा।
सरकार ने ग्रामीण और दूर दराज के क्षेत्रों में उम्मीदवारों को ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली से परिचित कराने के लिए आउटरीच और जागरूकता सुविधा प्रदान करने की योजना बनाई है। प्रश्नों, शिकायतों और प्रश्नों के उत्तर के लिए 24 घंटे, सातों दिन की हेल्पलाइन स्थापित की जाएगी।
मध्यप्रदेश: पहला राज्य जो CET स्कोर का उपयोग करेगा
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी के अनुमोदन के एक दिन के बाद ही घोषणा की कि मध्य प्रदेश ग्रुप सी और डी के रिक्त पदों की भर्ती के लिए सामान्य पात्रता परीक्षा स्कोर का उपयोग करेगा। मध्य प्रदेश पहला राज्य बन गया जो सीईटी स्कोर का उपयोग करेगा।
Common Eligibility Test-CET सामान्यत: पूछे जाने वाले सवाल
Common Eligibility Test-CET का पाठ्यक्रम परीक्षा पैटर्न क्या है ?
अब तक सरकार द्वारा कोई पाठ्यक्रम व परीक्षा पैटर्न जारी नहीं किया गया है। एनआरए राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी आधिकारिक परीक्षा पोर्टल की स्थापना के बाद पाठ्यक्रम जारी करेगा। वैसे माना जा रहा कि एनआरए सीईटी सिलेबस टियर-1 बैंक परीक्षा, एसएससी परीक्षा और आरआरबी परीक्षा की तरह होगा। इसमें रीजनिंग, गणित और अंग्रेजी जैसे विषयों पर वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जा सकते हैं। कठिनाई स्तर 10 वीं, 12 वीं और स्नातक स्तर की सीईटी के लिए अलग-अलग होगा। आधिकारिक रूप से परीक्षा पैटर्न एनआरए की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा जो अभी निर्माण की प्रक्रिया में है।
क्या Common Eligibility Test-CET सीटीईटी और टीईटी परीक्षा की जगह लेगी ?
सामान्य पात्रता परीक्षा ग्रुप बी गैर-राजपत्रित, कुछ समूह बी राजपत्रित और समूह सी गैर-तकनीकी पदों के लिए आयोजित की जाएगी। Common Eligibility Test-CET सीटीईटी और टीईटी परीक्षा की जगह नहीं लेगा। ये परीक्षा उनके संबंधित परीक्षा प्राधिकरण विभागों की ओर से ही आयोजित की जाएगी।
क्या यूपीएससी एनआरए के तहत है ?
यूपीएससी और एनआरए दोनों अलग-अलग भर्ती एजेंसी हैं। यूपीएससी ज्यादातर ग्रुप ए और ग्रुप बी जैसे सिविल सेवा परीक्षा के लिए केंद्रीय स्तर की भर्ती का प्रबंधन करता है। एनआरए एक अन्य भर्ती एजेंसी है जो केंद्र सरकार के लिए Common Eligibility Test-CET से ग्रुप बी एवं ग्रुप सी गैर-तकनीकी भर्ती का प्रबंधन करेगी।


