करियरगाइडेंस4यू.कॉम - करियर आपके लिए-सही दिशा, खुशहाल जिंदगी

इंजीनियरिंगजेईई मेन्स

जेईई-मेन-2021: 45 हजार से अधिक नए विद्यार्थियों ने किया आवेदन

JEE Main news in hindi
JEE Main news

देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई-मेन जिसके फरवरी व मार्च में दो सेशन में परीक्षाएं हो चुकी हैं। इस परीक्षा का तीसरा सेशन अप्रेल माह में 27 से 30 अप्रेल के मध्य कराया जाएगा। अप्रेल माह में यह परीक्षा आठ शिफ्टों में देश-विदेश के 334 परीक्षा शहरों में सिर्फ बीई-बीटेक के लिए होगी।

अप्रेल सेशन के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 4 अप्रेल, रविवार को रात्रि 11ः50 तक है एवं सोमवार 5 अप्रेल रात 11.50 तक आवेदन का शुल्क जमा करवाया जा सकता है।

फरवरी एवं मार्च परीक्षा में 6 लाख से ज्यादा विद्यार्थी परीक्षा दे चुके हैं। पूर्व में बड़ी संख्या में ऐसे विद्यार्थी हैं जिन्होंने चारों सेशन के लिए एप्लाई किया है। इसके अतिरिक्त अप्रेल सेशन के लिए 45 हजार से ज्यादा नए विद्यार्थी आवेदन कर चुके हैं। जिन्होंने पूर्व में फरवरी व मार्च के लिए आवेदन ही नहीं किया और अब सीधे अप्रैल के लिए परीक्षा देने के इच्छुक हैं। ऐसे में अप्रेल परीक्षा में भी फरवरी मार्च की भांति लाखों की संख्या में विद्यार्थी परीक्षा देंगे।

ऐसे विद्यार्थी जो इस वर्ष 12वीं बोर्ड परीक्षा दे रहे हैं, इनके लिए फरवरी मार्च के उपरान्त अप्रेल परीक्षा अपने एनटीए स्कोर को बढ़ाने के लिए एक सुनहरा अवसर है, क्योंकि इसके बाद मई सेशन की परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा भी देनी होगी और वे जेईई-मेन पर पूरा फोकस नहीं कर पाएंगे। फरवरी व मार्च की परीक्षाएं देने के अनुभव के आधार पर स्टूडेंट्स स्वयं को और अधिक अंकों के लिए तैयार कर अप्रेल परीक्षा का लाभ ले सकते हैं। मई सेशन की परीक्षा में उन्हें अपनी 12वीं बोर्ड परीक्षा पर भी पूरा फोकस करना होगा। अप्रेल परीक्षा के प्रवेश पत्र परीक्षा शुरू होने से 15 दिन पहले जारी किए जाएंगे।

जेईई-मेन के साथ अन्य इंजीनियरिंग संस्थानों का आवेदन करना ना भूले

जेईई-मेन के साथ-साथ देश के कई बड़े एवं प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग शिक्षण संस्थान की आवेदन आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।

एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के कॅरियर काउंसलिंग एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि विद्यार्थी जिनका फ़रवरी एनटीए स्कोर अपेक्षा के अनुरूप नहीं है साथ ही उनका मार्च परीक्षा में भी बेहतर प्रदर्शन नहीं रहा है वे सभी विद्यार्थी अभी जेईई-मेन के साथ -साथ देश के अन्य बड़े इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश के लिए अलग से आवेदन कर सकते हैं। देश में कई ऐसे बड़े इंजीनियरिंग संस्थान हैं जो स्वयं की परीक्षा लेकर प्रवेश देते हैं और उनके प्रवेश के लिए बोर्ड पात्रता 12वीं बोर्ड में 60 प्रतिशत या उससे कम भी है।

इन संस्थानों की आवेदन प्रक्रिया प्रारम्भ

आहूजा के अनुसार विद्यार्थी अभी प्रमुख संस्थान जैसे बिट्स पिलानी, वीआईटी वैल्लूर, मणिपाल मैंगलुर, आईपीयू दिल्ली, अमृता चैन्नई, एसआरएम चैन्नई, जामिया दिल्ली, क्यूसेट केरला, एएमयू अलीगढ़, कॉमेडके कर्नाटक, यूपीईएस देहरादून, सीएमआई चैन्नई, एनमेट मुम्बई, आईएसआई कोलकाता, ट्रिपलआईटी हैदराबाद, एलपीयू आदि के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसमें से ज्यादातर संस्थानों की आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है और आवेदन करने के लिए अप्रैल मई तक का समय दिया गया है। विद्यार्थी अपनी आवश्यकता के अनुसार इन संस्थानों के लिए आवेदन करे ताकि उनके पास बाद में जेईई-मेन के साथ साथ अन्य संस्थानों में प्रवेश का विकल्प भी रहे।

किस पर्सेन्टाइल पर कौनसे कॉलेज मिलेंगे

आहूजा ने बताया कि जेईई-मेन मार्च के 7 डेसीमल पर्सेन्टाइल के रूप में जारी किए गए एनटीए स्कोर पर विद्यार्थियों में अपने-अपने पर्सेन्टाइल स्कोर के आधार मिलने वाले एनआईटीज, ट्रिपलआईटी एवं जीएफटीआई को लेकर उत्सुकता स्पष्ट दिखाई दे रही है। नीचे दी जा रही मिलने वाली कॉलेजों की संभावनाएं कैटेगिरी अनुसार सामान्य, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, एससी-एसटी के विद्यार्थियों के लिए बदल सकती है।
– 99 पर्सेन्टाइल से अधिक है उन्हें शीर्ष एनआईटी जैसे तिरछी, वारंगल, सूरतकल, इलाहाबाद, राउरकेला, कालीकट व जयपुर, कुरूक्षेत्र जैसे एनआईटी एवं ट्रिपलआईटी इलाहाबाद में कोर ब्रांचेज मिलने की संभावनाएं स्पष्ट बन रही हैं।
• 99 से 98 पर्सेन्टाइल है तो उन्हें शीर्ष के टॉप 10 एनआईटी की कोर ब्रांच के अतिरिक्त अन्य ब्रांच के साथ-साथ टॉप 10-20 एनआईटी एवं ट्रिपल आईटी जबलपुर, ग्वालियर, गुवाहाटी, कोटा, लखनऊ में कोर ब्रांच मिलने की संभावनाएं बन सकती है। इन एनआईटी में भोपाल, सूरत, नागपुर, जालंधर, दिल्ली, हमीरपुर, दुर्गापुर शामिल हैं।
• 98 से 96 पर्सेन्टाइल स्कोर होने पर टॉप 20 एनआईटी की कोर ब्रांचों के अतिरिक्त अन्य ब्रांचेज एवं शेष एनआईटी जिसमें नोर्थईस्ट के एनआईटी के साथ-साथ पटना, रायपुर, अगरतला, श्रीनगर, सिल्चर, उत्तराखंड एनआईटी एवं बिट्स मिसरा, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज चंडीगढ़, जेएनयू, हैदराबाद यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों में प्रवेश मिल सकता है। साथ ही विद्यार्थियों को नए ट्रिपलआईटी की कोर ब्रांचेंज मिलने की संभावना रहेगी।
• 96 से 94 पर्सेन्टाइल स्कोर होने पर टॉप 25 से 31 एनआईटी की कोर ब्रांचों के अतिरिक्त अन्य ब्रांचें एवं जीएफटीआई में प्रवेश मिलने की संभावनाएं बन सकती हैं।
कौन क्या करें

एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि इस वर्ष जेईई-मेन परीक्षा देने के 4 विकल्प विद्यार्थियों के पास है। ऐसे विद्यार्थी जिनका जनवरी जेईई-मेन पर्सेन्टाइल 99.5 से अधिक है उन विद्यार्थियों को जेईई-एडवांस्ड की परीक्षा की तैयारी पूरे फोकस के साथ करनी चाहिए। क्योंकि उनकी इस पर्सेन्टाइल पर अच्छे एनआईटी में कोर ब्रांचेंज मिलने का विकल्प सुरक्षित हो गया है। 99.5 से 98.5 पर्सेन्टाइल स्कोर के मध्य वाले विद्यार्थी सुविधानुसार जेईई-मेन दे सकते हैं अथवा एडवांस्ड की तैयारी में लग जाना चाहिए। ऐसे विद्यार्थी जिनका पर्सेन्टाइल 98.5 से कम है, इन्हें जेईई-मेन, अप्रेल एवं मई के साथ-साथ एडवांस्ड की तैयारी पर भी पूरा ध्यान देना चाहिए। यह सुझाव कैटेगिरी के अनुसार बदल सकते हैं।

 

Related posts
अन्य-इंजीनियरिंगआईआईटी-एनआईटीइंजीनियरिंगजेईई एडवांस्डजेईई मेन्स

JEE में कम रैंक आई? घबराएं नहीं, ये 5 एंट्रेंस एग्जाम दिला सकते हैं टॉप B.Tech कॉलेज में एडमिशन

हर साल भारत में करीब 15 लाख से अधिक छात्र JEE Main परीक्षा देते हैं। इनमें से लाखों छात्रों का सपना IIT, NIT या IIIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश पाने का होता है। लेकिन सीटों की सीमित संख्या और कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण अधिकांश छात्रों को मनचाहा कॉलेज नहीं…
अन्य-इंजीनियरिंगआईआईटी-एनआईटीइंजीनियरिंगजेईई एडवांस्डजेईई मेन्स

IIT और NIT में नहीं मिला एडमिशन? निराश न हों, इन 10 सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों से करें B.Tech, मिलेगा शानदार करियर और बेहतरीन प्लेसमेंट

IIT और NIT निश्चित रूप से देश के प्रतिष्ठित संस्थान हैं, लेकिन सफलता का रास्ता केवल वहीं से होकर नहीं जाता। DTU, NSUT, IGDTUW, COEP, VJTI, जादवपुर यूनिवर्सिटी, USICT और तेजपुर यूनिवर्सिटी जैसे संस्थान हर वर्ष हजारों छात्रों को बेहतरीन शिक्षा और शानदार करियर अवसर प्रदान कर रहे हैं। यदि आपको…
आईआईटी-एनआईटीइंजीनियरिंगजेईई एडवांस्ड

JEE Advanced 2026: फिजिक्स ने बढ़ाई टेंशन, मैथ्स ने छीना समय, केमिस्ट्री बनी राहत; कट-ऑफ गिरने के संकेत

जेईई एडवांस्ड – 2026 पेपर एनालिसिस देश की सबसे कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में शामिल JEE Advanced 2026 इस बार कई मायनों में अलग और चुनौतीपूर्ण रही। परीक्षा में पहली बार सवालों की संख्या बढ़ाकर 102 कर दी गई, जबकि कुल अंक 360 ही रखे गए। विशेषज्ञों का मानना है…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *