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जेईई-एडवांस्ड-किस रैंक पर कौनसी आईआईटी में मिलेगी क्या ब्रांच

JEE Advanced 2021
JEE Advanced 2021

देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई-एडवांस्ड के रिजल्ट के बाद विद्यार्थियों और अभिभावकों में सबसे बड़ी उत्सुकता कॉलेज और ब्रांच के चयन की है। हर विद्यार्थी अच्छी आईआईटी के साथ मनपसंद ब्रांच चाहता है।

एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के कॅरियर काउंसलिंग एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि ऐसे विद्यार्थी जिनकी ऑल इंडिया रैंक अण्डर-100 है, उन्हें टॉप आईआईटी बॉम्बे, दिल्ली, कानपुर, मद्रास में कम्प्यूटर साइंस मिलने की संभावना है। विद्यार्थियों की फर्स्ट च्वाइस देखें तो आईआईटी मुम्बई सीएस ब्रांच रहती है, जो कि टॉप-60 पर क्लॉज हो जाती है।

इसके बाद दूसरी प्राथमिकता दिल्ली सीएस को स्टूडेंट देते हैं। तीसरी प्राथमिकता में कानपुर और मद्रास की कम्प्यूटर साइंस ब्रांच को दी जाती है। 100 से 500 रैंक के मध्य दिल्ली, कानपुर की एमएनसी, उपरोक्त चारों आईआईटी की इलेक्ट्रीकल, खड़गपुर की सीएस मिल सकती है। 500 से 1000 के मध्य बीएचयू, रुड़की, हैदराबाद, गुवाहाटी की सीएस, मुम्बई, दिल्ली, कानपुर की कोर ब्रांच मिलने की संभावना है।

वहीं 1000 से 4000 के मध्य रैंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को गांधी नगर, इंदौर, रूपड़, मंडी, जोधपुर, धनबाद, पटना, भुवनेश्वर में कम्प्यूटर साइंस एवं मुम्बई, दिल्ली, कानपुर, खड़गपुर आईआईटी में कम्प्यूटर साइंस के अतिरिक्त अन्य ब्रांचें मैकेनिकल, कैमिकल, सिविल, एयरोस्पेस, प्रोडक्शन आदि मिलने की संभावना रहती है। 4000 से 8000 के मध्य रुड़की, गुवाहाटी, खड़गपुर, हैदराबाद, वाराणसी में सिविल, कैमिकल, मेटलर्जी एवं मुम्बई, दिल्ली, कानपुर, मद्रास में लोअर ब्रांचेंज, पलक्कड़, तिरुपति, गोवा, धाड़वाड़, भिलाई, जम्मू में सीएस मिलने की संभावना बन सकती है।

8000 से 12000 के मध्य रैंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को रोपड़, मंडी, इंदौर, गांधीनगर, जोधपुर, भुवनेश्वर, पटना, धनबाद में कोर ब्रांच के अतिरिक्त अन्य ब्रांचों के साथ-साथ पुराने सात आईआईटी में बॉयलोजिकल साइंस, नेवल आर्किटेक्चर, माइनिंग इंजीनियरिंग, पॉलीमर साइंस, सिरेमिक इंजीनियरिंग जैसी ब्रांचें मिलने की संभावना रहती है। 12 से 15 हजार के मध्य रैंक प्राप्त करने वाले स्टूडेंट्स को नई आईआईटी जैसे पलक्कड़, तिरुपति, गोवा, धाड़वाड़, भिलाई, जम्मू की अन्य ब्रांचें मिलने की संभावना रहती है।

आहूजा ने बताया कि ऐसे विद्यार्थी जिनकी जेईई-एडवांस्ड आल इंडिया रैंक काफी पीछे है, उन्हें जेईई-एडवांस्ड के आधार पर आईआईपीई विशाखापट्टनम, राजीव गांधी पेट्रोलियम, आईआईएसईआर, आईआईएसटी में आवेदन के विकल्प उपलब्ध हैं। इन सभी संस्थानों की आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

JEE Advanced Result Analysis

41862 स्टूडेंट्स को आया काउंसलिंग कॉल-गत वर्ष के बराबर ही रही कटऑफ, काउंसलिंग 16 अक्टूबर से शुरू

देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा इस वर्ष कठिनतम परीक्षा भी साबित हुई। आईआईटी खड़गपुर द्वारा जारी किए गए परिणामों ने ये स्पष्ट कर दिया। परिणामों का विश्लेषण करने पर सामने आया है कि इस बार पेपर कठिन होने के कारण ही कटऑफ बहुत कम रही। एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के कॅरियर काउंसलर अमित आहूजा ने बताया कि पिछले करीब दस वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष गत वर्ष की भांति ही कट ऑफ सबसे कम रही है। इस वर्ष ओपन कैटेगिरी की औसतन कट ऑफ 17.50, विषयवार 5 प्रतिशत, ओबीसी एवं एडब्ल्यूएस की औसतन 15.75 व विषयवार 4.50 प्रतिशत, एससी व एसटी एवं शारीरिक विकलांग वर्ग की औसतन 8.75 एवं विषयवार 2.50 प्रतिशत कट ऑफ रही। इस वर्ष इनफोर्मेशन बुलेटिन के अनुसार मेरिट लिस्ट में शामिल होने के लिए विद्यार्थियों को विषयवार एवं औसतन दोनों कटऑफ पहले ही घोषित की थी, जो कि सामान्य श्रेणी के लिए विषयवार 10 प्रतिशत व औसतन 35 प्रतिशत तथा ओबीसी एवं ईडब्ल्यूएस श्रेणी के विद्यार्थियों के लिए विषयवार 9 प्रतिशत एवं औसतन 31.5 प्रतिशत थी। वहीं एससी व एसटी वर्ग के विद्यार्थियों के लिए विषयवार 5 प्रतिशत एवं औसतन 17.5 प्रतिशत थी।

आहूजा ने बताया कि इस वर्ष 360 अंकों का पेपर हुआ। जिसके अनुसार ओपन कैटेगिरी की औसतन कट ऑफ 63 अंक, विषयवार मात्र 6 अंक, ओबीसी एवं एडब्ल्यूएस की औसतन 56 व विषयवार 5, एससी व एसटी व शारीरिक विकलांग वर्ग की औसतन 31 व विषयवार 3 अंक पर कट ऑफ रही। इस वर्ष कुल 1 लाख 41 हजार 699 विद्यार्थी जेईई एडवांस्ड परीक्षा में शामिल हुए। जिसमें से 41 हजार 862 विद्यार्थियों को काउंसलिंग के लिए घोषित किया गया। जिसमें सामान्य श्रेणी के 17 हजार 057, ओबीसी के 9150, ईडब्ल्यूएस की 5144, एससी के 7747, एसटी के 2264 विद्यार्थी शामिल हैं। इनमें 35410 छात्र एवं 6452 छात्राएं शामिल हैं। इस वर्ष विदेशों में निवासरत विभिन्न श्रेणियों के 289 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। इनमें से 176 को काउंसलिंग के लिए क्वालीफाई किया गया।

जोनवाइज टॉपर्स की स्थिति

आहूजा ने बताया कि टॉप 100 में सबसे ज्यादा स्टूडेंट्स मुम्बई व दिल्ली जोन के रहे। दोनों जोन से 28-28 स्टूडेंट्स ने टॉप 100 में स्थान प्राप्त किया। इसके बाद आईआईटी हैदराबाद जोन के 27, रूडकी जोन के 13, कानपुर के 3 विद्यार्थी शामिल हैं, आईआईटी गुवाहाटी जोन का एक भी स्टूडेंट टॉप 100 में स्थान प्राप्त नहीं कर सका।

– आईआईटी व एनआईटी जोसा काउंसलिंग प्रारंभ-आईआईटी में 228 और एनआईटी में 744 सीटें बढ़ी

देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस्ड द्वारा मिलने वाली 23 आईआईटी, जिसमें इस वर्ष 16 हजार 232 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा, जिसमें 1534 सीटेंं सुपर न्यूमरेरी कोटे से फीमेल पूल में आवंटित की जाएगी। गत वर्ष कुल 16 हजार 03 सीटों पर प्रवेश दिया गया था।

इसके साथ ही एनआईटी व आईआईईएसटी शिबपुर की 598 फीमेल पूल सुपर न्यूमरेरी सीटें मिलाकर 23 हजार 997 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा, जबकि गत वर्ष एनआईटी में 21 हजार 891 सीटों पर प्रवेश दिया गया था। यानी इस वर्ष एनआईटी की 744 अधिक सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। इसी प्रकार ट्रिपलआईटी की कुल 6146 एवं जीएफटीआई की 6078 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। इसमें ट्रिपल आईटी में फीमेल पूल सुपर न्यूमरेरी की 305 सीटें शामिल हैं। गत वर्ष ट्रिपल आईटी की 5 हजार 643 सीटों पर प्रवेश दिया गया था। ऐसे में इस वर्ष ट्रिपल आईटी की 503 अधिक सीटों पर प्रवेश मिलेगा। इसी प्रकार इस वर्ष जोसा काउंसलिंग द्वारा आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपल आईटी एवं जीएफटीआई की कुल 52 हजार 453 सीटों पर स्टूडेंट्स को प्रवेश मिलेगा, जो कि गत वर्ष के मुकाबले 2437 अधिक है।
पुरानी सात आईआईटी में आईआईटी कानपुर में 22, गुवाहाटी में 20, रुड़की में 3 सीटें बढ़ी हैं। इसके साथ ही आईआईटी पटना में 100, रूपड़ में 32, हैदराबाद में 45, जम्मू में 13, धारवाड़ में 15 सीटें बढ़ हैं। इसके अतिरिक्त खड़गपुर में 4, पलक्कड़ में 18 सीटें घटी है। ऐसे में सभी आईआईटी मिलाकर 228 सीटों पर गत वर्ष के मुकाबले अधिक एडमिशन दिया जाएगा।

आईआईटी, एनआईटी काउंसलिंग

आहूजा के अनुसार आईआईटी एवं एनआईटी प्रवेश के लिए कराई जा रही जोसा काउंसलिंग की इच्वाइस फिलिंग एवं रजिस्ट्रेशन 16 अक्टूबर से प्रांरभ हो चुके है। विद्यार्थी 25 अक्टूबर शाम 5 बजे रजिस्ट्रेशन एवं च्वाइस फिलिंग कर सकते हैं। प्रथम राउण्ड का सीट आवंटन 27 अक्टूबर को जारी होगा, विद्यार्थियों को इस वर्ष सीट आवंटन के पश्चात आवश्यक दस्तावेजों को अपलोड कर ऑनलाइन रिपोर्टिंग करनी होगी। विद्यार्थियों को च्वाइस फिलिंग का अवसर एक बार ही दिया गया है, अतः विद्यार्थी ज्यादा से ज्यादा कॉलेजों के विकल्प को अपनी प्राथमिकता के घटते क्रम में भरें। विद्यार्थी गत वर्षों की कॉलेजों की ओपनिंग एवं क्लोजिंग रैंकों को देखते हुए कॉलेजों को चुनने के ट्रेण्ड का अनुमान लगा सकते हैं। विद्यार्थी अपनी रैंक के अनुसार गत वर्षों की क्लोजिंग रैंक से नीचे की रैंक वाले कॉलेज ब्रांचों को भी अपनी रुचि अनुसार कॉलेज प्राथमिकता सूची के क्रम में शामिल करे। जोसा काउंसलिंग में कॉलेजों को भरने से पूर्व अपनी प्राथमिकता के कॉलेजों की सूची कागज पर बनाकर उसका आंकलन कर ही ऑनलाइन भरें ताकि गलती होने की संभावना ना रहे। विद्यार्थियों को कॉलेज च्वाइस लॉक करने से पूर्व अवश्य पूर्ण चेक करें क्योंकि लॉक करने के उपरान्त उसमें बदलाव संभव नहीं होंगे। यह काउंसलिंग प्रक्रिया 24 नवंबर तक छह चरणों में संपन्न होगी।

जेईई-मेन -कितने अंकों पर मिल सकती है कौनसी एनआईटी

एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि जेईई-मेन की परीक्षा 300 अंकों की होती है, यदि विद्यार्थी 240 से 280 के मध्य अंक का टारगेट रखता है तो उसे शीर्ष एनआईटी तिरछी, वारंगल, सूरतकल, में सीएस मिलने की संभावना बन सकती है। यदि 220 से 240 अंक आते हैं तो शीर्ष तीन एनआईटी की सीएस के अलावा अन्य कोर ब्रांचेज एवं इलाहाबाद, जयपुर, कालीकट, राउरकेला एवं ट्रिपलआईटी इलाहाबाद की सीएस प्राप्त कर सकता है। वहीं यदि विद्यार्थी 180 से 220 अंक लाता है तो उपरोक्त 7 एनआईटी की अन्य ब्रांचों के साथ-साथ भोपाल, कुरूक्षेत्र, सूरत, नागपुर, दिल्ली की कोर ब्रांचें एवं ट्रिपलआईटी जबलपुर, ग्वालियर की कोर ब्रांच प्राप्त कर सकता है। विद्यार्थी 150 से 180 के मध्य अंक लाने पर भोपाल, कुरूक्षेत्र, सूरत, नागपुर, दिल्ली की अन्य ब्रांचों के साथ एनआईटी जालंधर, हमीरपुर, दुर्गापुर, जमशेदपुर, शिबपुर, पटना, रायपुर, गोवा, सिल्चर की कोर ब्रांच एवं ट्रिपलआईटी वडोदरा, गुवाहाटी में प्रवेश ले सकता है।
ऐसे स्टूडेंट्स जो 130 से 150 अंक प्राप्त करते हैं, उन्हें उपरोक्त एनआईटी की कोर ब्रांच के अतिरिक्त ,आंध्रप्रदेश ,श्रीनगर, उत्तराखंड,पुंडेचेरी ,नॉर्थ इस्ट के एनआईटी मणिपुर, सिक्किम. मिजोरम, मेघालय, नागालैंड आदि की कोर ब्रांच के साथ-साथ नए ट्रिपलआईटी में प्रवेश ले सकता है। 100 से 130 अंक आने पर जीएफटीआई में प्रवेश मिलने की संभावना रहती है। हालांकि दी गई मार्क्स रैंज कैटेगिरी अनुसार भी परिवर्तित होगी साथ ही जेईई-मेन पेपर के डिफिकल्टी लेवल में परिवर्तन होने पर उपरोक्त दी गई मार्क्स रैंज में 15 से 20 नम्बर का परिवर्तन हायर एवं लोअर साइड संभव है।
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